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क्या मोदी और अमेरिका के प्रेजिडेंट डोनाल् 

  • 16 Feb

    क्या मोदी और अमेरिका के प्रेजिडेंट डोनाल् 

     

    कुख्यात आतंकी गिरोह इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) दुनिया का

    सबसे खतरनाक आतंकी संगठन बनता जा रहा है. इसके लड़ाके जिस प्रकार लोगों को यातना दे

    रहे हैं, उनका कत्ल कर रहे हैं उसे देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्रूरता के मामले

    में आईएस सभी हदें पार कर चुका है. इस संगठन का खौफ इराक और सीरिया में तो है ही

    साथ में अब ये दुनिया के लिए भी खतरा बनता जा रहा है इसलिए अब इनका समूल नाश

    करने के लिए विश्व को एकजुट होना चाहिए।

    कहा जाता है कि कई अन्य इस्लामिक आतंकवादी गुटों को मिलाकर आईएसआईएस का गठन

    2013 में हुआ था, लेकिन विलय करनेवाले गुटों के द्वारा इंकार किये जाने के बाद

    आईएसआईएस ने स्वतंत्र रूप से 29 जून, 2014 को स्थानीय समयानुसार 19: 54 बजे ईराक

    के मोसूल शहर में अबू-बकर- अल-बगदादी को मुस्लिम जगत का "खलीफा" घोषित कर दिया।

    यही समय आईएसआईएस का जन्मकाल माना जाना चाहिए.

    इस समय के हिसाब से धनु लग्न बनता है. लग्नेश गुरु उच्च होकर अष्टम भाव में चन्द्रमा के

    साथ बैठा है. पंचम और द्वादश भाव का स्वामी मंगल कर्मस्थान यानि दशम भाव में बैठा है,

    जिससे यह विस्फोटक आतंक का पर्याय बन गया है. खास बात ये है कि मंगल चित्रा नक्षत्र में

    है जो मंगल का ही नक्षत्र है. मारक भाव और पराक्रम भाव का स्वामी शनि लाभ्स्थान में राहू

    के साथ विराजमान है. शनि-राहू की सप्तम दृष्टि पंचम भाव पर पड़ रही है. सप्तम भाव में

    स्थित नवमेश सूर्य एंव सप्तमेश और दशमेश बुध लग्न पर दृष्टिपात कर रहे हैं. दशम भाव में

    बैठे मंगल की सातवीं दृष्टि चतुर्थ भाव पर पड़ रही है जो आन्दोलन और क्रांतिकारी रूप में

    सक्रीय रहने का संकेत देता है, साथ ही आतंरिक अराजकता को भी दर्शाता है. मंगल की चौथी

    दृष्टि लग्न पर पड़ रही है, जिससे ये संगठन उग्र है, साथ ही लग्न पर सूर्य और बुध की भी

    दृष्टि है, सूर्य के कारण इस संगठन का दबदबा बढ़ता जा रहा है और बुध इसे मनमानी करने

    को प्रेरित कर रहा है और तकनीकी कौशल भी प्रदान कर रहा है. अष्टम में लग्नेश होने से इसे

    गुप्त सहायता और पुरातनवादियों का भी साथ आसानी से मिल जाता है. कुल मिलाकर मंगल

    के कारण आईएस अधिक ताकतवर बन रहा है और पंचम भाव में स्थित केतु पर शनि, राहू

    और मंगल की दृष्टि होने से स्थिति अत्यंत भयावह बन गयी है, क्योंकि आतंक इसका दर्शन

    और इसकी सोच बन चुकी है. सबसे राहत की बात ये हैकि जन्मकाल का चन्द्रमा बुरी तरह से

    पीडीत है. एक तो अष्टम चन्द्रमा, दुसरे शनि की दृष्टि, इन दोनों कारणों से ये अल्पायु का

    शिकार हो चूका है. अधिक लम्बा चलने वाला संगठन नहीं है ये. भले ही ये अत्यधिक

    विनाशकारी ढंग से अभी काम कर रहा हो, लेकिन ये जल्द ही अंतिम गति को प्राप्त होगा.

    इसके संकेत भी मिलने शुरू हो गए, जब रूस ने अकेले अपने दम पर इसपर हमला शुरू कर

    दिया. अब तो अमेरिका, ब्रिटेन, फ़्रांस और अन्य देशों का भी पूर्ण समर्थन मिल चूका है और

    सामूहिक प्रयासों से इस इस्लामिक आतंकवादी गुट को समाप्त करने के प्रयास तेज हो गए हैं.

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